सहयोगी संवाददाता
मेरठ। कांग्रेस नेता और अंतरराष्ट्रीय शूटर पूनम पंडित और उनके मंगेतर दीपक गिरि पर अपहरण की कोशिश, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल करने और मारपीट जैसे गंभीर मामले में भावनपुर थाने में केस दर्ज किया गया है। पूनम पंडित की सफाई देते हुए मुकदमे को साजिश बताया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पूनम पंडित ने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि ये मुकदमा तथ्यहीन है, हमारे खिलाफ साजिश रची गई है. पूनम ने कहा कि उनके राजनीतिक करियर को खराब करने की कोशिश की जा रही है.
पूनम पंडित की ओर से अधिवक्ता सुनील चिंदौड़ी ने कहा कि ये एफआईआर पूरी तरह झूठी है. इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी. उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बताते चलें कि पूनम पंडित की 15 अक्टूबर को सपा नेता दीपक गिरि के साथ सगाई हुई थी. 16 अक्टूबर को ख़ुद को दीपक गिरी की गर्लफ्रेंड होने का दावा करने वाली महिला उनके घर पहुंची. महिला का आरोप है कि वहां दीपक ने परिजनों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की थी।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दीपक उसके साथ चार साल से गंगानगर में एक मकान में लिव इन रिलेशन में रहता था और उसने महिला से 50 लाख रुपये भी हड़प लिए. महिला ने दीपक गिरि पर रेप, ब्लैकमेलिंग, यौन शोषण और रकम ठगने के आरोप भी लगाए गए हैं।
आरोप लगाने वाली महिला का कहना है कि दीपक गिरि ने उसके साथ धोखा किया है. उसे न्याय चाहिए दीपक गिरी ने उससे रेप किया और फिर शादी के धोखे में रखा. बाद में पूनम ने भी उसका साथ दिया, जिसके चलते उसने दीपक गिरि और पूनम पंडित पर मुकदमा दर्ज कराया है
पुलिस ने इस मामले में दीपक गिरि के पिता कृष्णपाल गिरि और दोनों भाई प्रदीप गिरि व कुलदीप गोस्वामी के ख़िलाफ़ भी एफआईआर दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज हो चुका है जो भी साक्ष्य होंगे उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी
