बुलंदशहर। विभिन्न अभिभावक संगठन, किसान संगठन, अधिवक्ता संघ आदि द्वारा प्राप्त शिकायतो के क्रम में जिलाधिकारी बुलन्दशहर द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में शिक्षाअधिकारियों द्वारा स्ववित्तपोषित विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से भी वार्ता कर उनके द्वारा क्रय की गयी पुस्तकों के बिल वाऊचर प्राप्त किये गये, जिसके उपरान्त रस्तोगी बुक डिपो बुलन्दशहर का निरीक्षण करते हुए माह फरवरी, मार्च, अप्रैल 2026 तक के बिल उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।उक्त फर्म से बिल प्राप्त होने के उपरान्त विशेष अनुसंधान शाखा जी०एस०टी० विभाग द्वारा रस्तोगी बुक डिपो बुलन्दशहर का सघन रुप से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय पाया गया कि फर्म पर घोषणा से अधिक सामग्री पायी गयी जिसका सीजर किया गया तथा रस्तोगी बुक डिपो पर धनराशि रुपये 5,37,676.00 का अर्थदण्ड / जुर्माना निर्धारित करते हुए जमा करने हेतु फर्म स्वामी को अवगत करा दिया गया है, जिसके उपरान्त फर्म द्वारा अर्थदण्ड/जुर्माना की समस्त धनराशि जमा करा दी गयी है। उक्त फर्मों पर पायी गयी अनियमितता एवं फर्म के खातो की गहनता से जॉच पडताल विशेष अनुसंधान शाखा जी०एस०टी० विभाग द्वारा की जा रही है।महत्वपूर्ण चेतावनी एवं निर्देशसमस्त विद्यालयों के लिए निर्देश
1. कोई भी विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान/विक्रेता से ही पुस्तक खरीदने हेतु बाध्य नहीं करेगा।
2. विद्यालय द्वारा निर्धारित पुस्तक सूची पारदर्शी एवं उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
3. किसी भी प्रकार की कमीशन आधारित व्यवस्था अथवा अनधिकृत विक्रय पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
पुस्तक विक्रेताओं के लिए चेतावनी
1. सभी विक्रेता केवल पंजीकृत फर्म के माध्यम से ही व्यवसाय संचालित करें।
2. जी०एस०टी एवं अन्य कर संबंधी नियमों का पूर्ण पालन अनिवार्य है।
3. अनियमितता पाए जाने पर सीलिंग, अर्थदंड एवं लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्यवाही की जाएगी।
अभिभावकों के लिए सलाह
1. पुस्तक खरीदते समय बिल / वाउचर अवश्य प्राप्त करें।
2. किसी भी प्रकार की जबरन खरीद या अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।विद्यालयों के लिए विशेष चेतावनी यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि भविष्य में किसी भीविद्यालय में इस प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो उसे गंभीर प्रशासनिक उल्लंघन मानते हुए मान्यता संबंधी कार्यवाही तक की जा सकती है। सभी विद्यालय तत्काल अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर नियमों के अनुरूप सुधार सुनिश्चित करें।
