गुलावठी में मीटर रीडर सीधे साधे उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग में गड़बड़ी कर व विद्युत विभाग को लगा रहे लाखों का चूना

शॉर्ट सर्किट कराकर मीटर को करा रहे नो डिस्प्ले

बुलंदशहर, आनन्द शर्मा। कस्बा गुलावठी में कुछ मीटर रीडर रीडिंगो में गड़बड़ी करके विद्युत विभाग को लाखों का चूना लगा रहे हैं। द सोशल फाउंडेशन ने उक्त मामले की शिकायत की इसके बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। बताते चलें कि नगर के मीटर रीडर कई प्रकार से मीटर में धांधली करते हैं जिसमें प्रथम यह है कि मीटर रीडर हर माह उपभोक्ताओं के मकानों और दुकानों पर बिल निकालने जाते हैं तो कुछ उपभोक्ताओं की वर्तमान रीडिंग को अपनी एप्लीकेशन में कम कम दिखाकर बिल निकाल देते हैं, ऐसा करने पर उपभोक्ताओं के मीटर में रीडिंग इकट्ठा हो जाती हैं कुछ दिन बाद यही मीटर रीडर उपभोक्ताओं को यह कहकर ब्लैकमेल करते हैं कि तुम्हारी रीडिंग इस महीने बहुत ज्यादा आई हैं तुम्हारा बिल लगभग 5000,10000 या 15000 रुपए या उससे अधिक निकलेगा। मीटर रीडर उक्त मामले से निपटने का उपभोक्ता को तरीका भी बताते हैं कि हम तुम्हारे मीटर रीडिंग को बैक करा देंगे जिसमें तुम्हे खर्चा देना पड़ेगा। अपुष्ट जानकारी के अनुसार मीटर रीडर सीधे साधे उपभोक्ताओं से पैसे लेकर मीटर में शॉर्ट सर्किट कराकर मीटर की डिसप्ले को नो डिस्प्ले करा देते हैं, इसके अलावा पता यहां तक चला है कि मीटर रीडर कुछ उपभोक्ताओं से पैसे लेकर उनके बॉक्स के अंदर लगे मीटर को निकालकर ले जाते हैं और उस बॉक्स में मौजूदा रीडिंग से कम रीडिंग के अन्य मीटर को या फिर उक्त मीटर की रीडिंग की रफ्तार को लगभग 50 से 60 प्रतिशत स्लो कर बॉक्स के अंदर फिट कर देते है, इस मामले का पता मीटर के बॉक्स पर लिखे सीरियल नंबर और मीटर पर लिखे सीरियल नंबर के अंतर से पता लगाया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ मीटर रीडरों ने न सिर्फ उपभोक्ताओं से मिलकर रीडिंग कम करने का खेल किया बल्कि यह धांधली नहीं खुल सके इसके लिए मीटरों को ही जला दिया। पिछले दिनों उक्त रीडरों द्वारा की गई कारस्तानियां विद्युत विभाग को परेशानी में डाल रखा है। यह जांच का विषय है। मीटर रीडर के रजिस्टर के रिकॉर्ड के साथ साथ रीडिंग की क्रॉस चेकिंग की जांच करना अति आवश्यक है। इसके अलावा पिछले दिनों द सोशल फाउंडेशन ने उक्त के संबंध में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली थी जिस पर शमीम नाम के मीटर रीडर ने धमकी देते हुए कहा कि हम विद्युत विभाग से जुड़े हैं, पोस्ट को डिलीट कर दो और यदि इस संबंध में अगली बार कोई पोस्ट या शिकायत की तो तुम्हे झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। उक्त मामले में अभी तक विभागीय कार्यवाही नहीं हो पाई है, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ मीटर रीडरों का तबादला नगर में ही इधर से उधर कर दिया गया है। अब सवाल उठता है कि क्या तबादला करना ही जुर्म का प्रावधान है? जो मीटरों में धांधली की गई है उसका जिम्मेदार कौन होगा, आम जनता, मीटर रीडर या विद्युत विभाग। मीटर रीडर अपनी करतूत छिपाने के लिए अपने अपने आकाओं से पीड़ित को कॉल करा रहे हैं।

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