करबला के शहीदों को सलाम: गुलावठी में श्रद्धा और शौर्य के साथ निकला मोहर्रम का अखाड़ा, कांग्रेस नेताओं ने बांटे मोमेंटो

संवाददाता- फैसल चौधरी

मोहर्रम के मुबारक मौके पर गुलावठी नगर में हजरत इमाम हसन और हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में पारंपरिक और धार्मिक उत्साह के साथ अखाड़ा निकाला गया। 10 मोहर्रम को अल्ला रक्खे चौक, मौहल्ला फजरूल्ला से शांतिपूर्वक निकले इस अखाड़े को देखने के लिए नगर सहित आसपास के गांवों से हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।तलवार-लाठी से हैरतअंगेज करतब मौहल्ला नन्नूखां, पीरखां और मौहल्ला बुद्धेखां से भी अलग-अलग अखाड़े निकाले गए। अखाड़ों में पटेबाजों ने तलवार, लाठी, चक्कर, और चौथारा से हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों का दिल जीत लिया। करतब देख भीड़ ने “या हुसैन” के नारों से आसमान गूंजा दिया।जुलूस का रूट और व्यवस्था अखाड़ा जुलूस अल्ला रक्खे चौक से शुरू होकर पुराना बाजार, मौहल्ला बुद्धे खां, मौहल्ला पीर खां, लाल डिग्गी होते हुए वापस मंगल बाजार चौक पर पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे रास्ते मोहर्रम कमेटी के अकीदतमंदों ने जगह-जगह कैंप लगाकर जुलूस में शामिल लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।नेताओं ने बताया करबला का पैगाम युवा कांग्रेस नेता व प्रमुख समाजसेवी सैय्यद उस्मान ने इमाम हुसैन की शहादत का वाकया सुनाते हुए कहा, “इमाम हुसैन और उनके जा-नशीनों को पूरी दुनिया जानती है। जनाबे जैनब का किरदार अलम लेकर आज भी दुनिया को इस्लाम की तारीख बता रहा है। खातूने जन्नत हजरत फातिमा जेहरा ने वो कुर्बानी दी कि इस्लाम के मानने वाले आज भी उनका जिक्र करते नहीं थकते।”कांग्रेस नगर अध्यक्ष साकिब मुकद्दम ने कहा, “इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए करबला में शहादत दी थी। उनकी याद में ही मोहर्रम मनाया जाता है। उनका पैगाम जुल्म के आगे न झुकने का है।”खलीफाओं और खिलाड़ियों का सम्मान जुलूस के समापन पर मंगल बाजार चौक स्थित मंच से युवा नेता सैय्यद उस्मान, नगर अध्यक्ष साकिब मुकद्दम सहित दर्जनों कांग्रेस पदाधिकारियों ने नगर की सभी मोहर्रम कमेटियों के खलीफाओं, करतब दिखाने वाले खिलाड़ियों और समाजसेवियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस मौके पर हकीम शबी आलम, पूर्व सभासद अकरम मुकद्दम, फुरकान सुलतानी, चांद मलिक, ताहिर, इकराम सलमानी, फारूक सलमानी, अमीरुद्दीन मेवाती के अलावा सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!